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झारखंड के किसानों को मिलेगा 90% अनुदान पर बीज, जानें क्या है सरकार की फैसला

झारखंड सरकार राज्यवासियों के लिए लगातार विकास के कार्य कर रहे हैं. बीते बुधवार के दिन ही स्थानीय नीति पर मंजूरी दे दी है. बरता दें, इस बार सरकार किसानों के लिए बड़ा  कदम उठाने जा रही है. दरअसल, कैबिनेट ने तय किया है कि किसानों को 90 फीसदी अनुदान पर बीज दिया जायेगा. पहले 50 फीसदी अनुदान पर बीज बांटे जाते थे. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय मॉडल अधिनियम के आधार पर झारखंड में भी संशोधन को स्वीकृति दी गयी है. इसके आधार पर मार्केटिंग बोर्ड में अध्यक्ष की नियुक्ति मनोनयन के आधार पर होगी. कोई भी जनप्रतिनिधि इसमें अध्यक्ष बन सकेंगे.

मिड डे मील में पांच दिन अंडा, फल व दूध मिलेगा :
मुख्यमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पूरक पोषाहार में पांच दिन अंडा, फल व दूध दिये जायेंगे. पहले दो दिन मिलता था. इस पर प्रति वर्ष 260 करोड़ रुपये का खर्च होगा.

सीएम के लिए ऑडी कार :
वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री, झारखंड के सुरक्षा कारकेड के लिए एक अॉडी क्यू77 अथवा कोई भी अन्य वाहन अधिकतम मूल्य 1.25 करोड़ रुपये तक का जुड़ेगा. साथ ही दो एंबुलेंस को जोड़ा जायेगा. वहीं विधानसभा के अध्यक्ष एवं मंत्रियों के स्कॉट के लिए 25 महिंद्रा बलेरो नियो एन फोर वाहन का क्रय किया जायेगा. इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान है.

इवी पॉलिसी पारित :
उद्योग विभाग के झारखंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल (इवी) नीति-2022 का गठन किया गया. इवी को प्रोमोट करने के लिए कई इंसेटिव दिये गये हैं. पहले 10 हजार खरीदार को 75 फीसदी रोड टैक्स में छूट मिलेगी.

फंड का निर्माण होगा :
कैबिनेट ने तय किया है कि राज्य में पथ निर्माण विभाग के रेलवे क्रॉसिंग के स्थान पर ओवरब्रिज या अंडरब्रिज बनाने के लिए भारत सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए एमओयू होगा. इसके तहत एक फंड का निर्माण किया जायेगा. रांची में अनगड़ा-हाहे राहे (26 किमी) सड़क का निर्माण 57.95 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा.

सीनियर प्रोग्रामर का मानदेय 50500 हुआ :
कैबिनेट ने इ-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के न्यायालयों में काम कर रहे सिस्टम असिस्टेंट का मानदेय 20 हजार से बढ़ा कर 38 हजार रुपये कर दिया. सिस्टम ऑफिसर का मानदेय 32 हजार से बढ़ा कर 50 हजार रुपये किया गया है. सीनियर प्रोगामर का मानदेय पहले 36 हजार था. झारखंड कैबिनेट ने झारखंड लेबर सर्विस टेक्निकल राजपत्रित व अराजपत्रित का ग्रेड पे भी संशोधित किया है.

झारखंड कैबिनेट ने विनोबा विवि के पांच नये कॉलेज पीरटांड़, बरही, डुमरी, सतगांवा, और बरकट्टा में कुल 145 पद स्वीकृत किये जायेंगे. इस पर वार्षिक खर्च 10.96 करोड़ रुपये होगा. कैबिनेट ने न्यायिक पदाधिकारियों के दूसरे वित्तीय राष्ट्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वेतन पुनरीक्षण करने का निर्णय लिया है. इस पर करीब 10 करोड़ रुपये का खर्च होगा.

अजीम प्रेमजी विवि को इटकी में मिलेगी 150 एकड़ जमीन :
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अजीम प्रेम जी विवि की स्थापना के लिए 120 से 150 एकड़ भूमि 99 साल के लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी दे दी गयी है. इसके लिए एमओयू होगा. इटकी टीबी सेनिटोरियम के पास जमीन चिह्नित की गयी है. करीब तीन हजार करोड़ का इसमें निवेश किया जायेगा.

अन्य महत्वपूर्ण फैसले
सीसीएल के सीएसआर मद से रांची विवि परिसर में 62.45 करोड़ की लागत से पांच हजार क्षमता वाले पुस्तकालय निर्माण स्वीकृत किया है. 86 प्रखंड में आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 468.80 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है.

दिल्ली स्थित झारखंड भवन में वाहन चालकों के सात पदों का सृजन का अनुमोदन किया गया है. यह आउटसोर्स से रखा जायेगा. इसके लिए झारखंड से शैक्षणिक डिग्री प्राप्त करना अनिवार्य होगा.

केंद्रीय मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में संशोधन को स्वीकृति दी गयी. इसमें बीपीएल महिलाओं को भी जोड़ा गया है. यह दो दुधारू गाय योजना से संबंधित स्कीम है. इसमें 75 फीसदी अनुदान का प्रावधान होगा.

राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, परसपानी, गोड्डा में अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति

आरक्षण बढ़ाने से दायरा 77 प्रतिशत पहुंचेगा
राज्य सरकार ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया है. इसके प्रस्ताव पर सहमति बन गयी है. यानी ओबीसी के आरक्षण में 13 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है. अभी ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है. इसमें बीसी-1 को आठ प्रतिशत और बीसी-2 को छह प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है. अभी आरक्षण बढ़ा कर ओबीसी-1 को 15 प्रतिशत और ओबीसी-2 को 12 प्रतिशत (कुल 27 प्रतिशत) किया गया है.

इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के 26 प्रतिशत आरक्षण के दायरा को बढ़ा कर 28 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अनुसूचित जाति के लिए 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 12 प्रतिशत कर दिया गया है. ऐसे में अब ओबीसी को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 28 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (इकोनोमिकल वीकर्स सेक्शन) को 10 प्रतिशत यानी कुल 77 प्रतिशत आरक्षण राज्य में देने का फैसला लिया गया है.

 

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