झारखंड के उद्योग-व्यापार पर बिहार से 15 गुना मार पड़ी, जानें क्यों और क्या पड़ा असर

                                            -                                                    15

झारखंड के उद्योग और व्यापार पर बिहार की तुलना में कोरोना की 15 गुना मार पड़ी है। इसका खुलासा वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) के ताजा आंक़ड़ों से होता है। अगस्त महीने में पिछले साल की तुलना में बिहार में जीएसटी संग्रह में एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत झारखंड में अगस्त 2020 में हुआ जीएसटी संग्रह अगस्त 2019 की तुलना में 15 फीसदी कम है। झारखंड में अगस्त 2019 में जीएसटी संग्रह 1770 करोड़ और अगस्त 2020 में 1498 करोड़ हुआ था।

कोरोना काल में 20 अप्रैल से ही शुरू अनलॉक के चार चरण भी झारखंड के कारोबार को नहीं उबार पा रहे हैं। कोरोना के प्रहार से चौपट हो चुके धंधे कई तरह की सहूलियतों के बाद भी उठ खड़े होने में दूसरे राज्यों की तुलना में काफी वक्त ले रहे हैं। यहां तक कि झारखंड के जीएसटी संग्रह में राष्ट्रीय औसत की तुलना में भी लगभग दो गुनी कमी आई है। आयात पर शुल्क समेत देश को मिलने वाले कुल जीएसटी संग्रह में पिछले साल की अपेक्षा 12 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। जबकि घरेलू कारोबार से मिलने वाला जीएसटी आठ फीसदी कम हुआ है। झारखंड में केवल घरेलू कारोबार से ही जीएसटी मिलती है। यहां राष्ट्रीय औसत आठ फीसदी से सात फीसदी अधिक जीएसटी कम हुआ है।

सभी पड़ोसी राज्यों से अधिक पड़ा कारोबार पर असर: झारखंड में जीएसटी संग्रह में आई कमी से प्रतीत होता है कि हमारे राज्य में दूसरे पड़ोंसी राज्यों की तुलना में कारोबार पर कोरोना का अधिक असर पड़ा है। क्योंकि, जीएसटी में सबसे अधिक कमी यहीं दर्ज की गई है। बिहार में जीएसटी में एक फीसदी और पश्चिम बंगाल में 13 फीसदी की कमी आई है। ओड़िशा में छह फीसदी जीएसटी संग्रह घटा है। छत्तीसगढ़ में अगस्त में पिछले साल की तुलना में जीएसटी संग्रह छह फीसदी बढ़ा है। उत्तर प्रदेश की जीएसटी संग्रह में दो फीसदी का इजाफा हुआ है।

उत्पादक राज्य होने का पड़ा असर
झारखंड की तुलना में बिहार के संग्रह में सबसे कम कमी आने का कारण यह है कि बिहार उपभोक्ता आधारित राज्य है। जहां कोरोनाकाल के दौरान भी उपभोग में मामूली कमी आई है। जबकि झारखंड के उपभोग से ज्यादा उत्पादन प्रमुखता वाला राज्य होने और कोरोनाकाल में उत्पादन ठप होने के कारण जीएसटी संग्रह में भारी कमी हुई है। बाकी पड़ोसी राज्यों की जीएसटी संग्रह में आए अंतर का भी यहीं कारण है।

क्या पड़ा असर
बड़ी तादाद में लोग बेरोजगार बैठे हैं 
अर्थव्यवस्था का चक्र पूरा नहीं होने से अधिकतर कारोबार लगभग ठप हैं 
सरकार के खजाने में पैसा नहीं आ पा रहा है
निर्माण उद्योगों पर बुरी तरह असर पड़ा है 
08 फीसदी कमी देश में घरेलू कारोबार से जीएसटी में 
15% कमी झारखंड में घरेलू कारोबार से जीएसटी में 

क्या है कारण
लंबे समय तक सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के ठप रहने के कारण लोगों ने खरीदारी कम की है
खुदरा बाजार में मांग कम होने के कारण उद्योगों ने उत्पादन कम किया
मॉल, सिनेमा हॉल आदि के बंद होने के कारण लोगों के खर्च कम हुए
होटल, रेस्टोरेंट आदि के बंद होने के कारण अर्थव्यवस्था का चक्र पूरा नहीं हुआ