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झारखंड के इस प्लांट के डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये, जानें इसकी वजह..

झारखंड के बोकारो जिले में स्थित बोकारो स्टील प्लांट देशभर में प्रसिद्ध है. अगर इसके इतिहास के बारे में बात करें तो यह भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात संयत्र है जो सोवियत संघ के सहयोग से बना था. वहीं, यह संयंत्र भारत के प्रथम स्वदेशी इस्पात संयंत्र के रूप में जाना जाता है. दरअसल, बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन कार्यप्रणालियों में नवोन्मेष व पारदर्शिता की कार्यसंस्कृति विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं. बीएसएल में डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन की दिशा में लगभग पंद्रह करोड़ रुपए की लागत से कई अहम् प्रोजेक्ट्स पर कार्य शुरू हो गया है. बेहतर उत्पादकता के लिए एसएमएस-2 में कम्प्युटर विज़न तकनीक का प्रयोग, प्रमुख उत्पादन इकाइयों में एनर्जी मॉनिटरिंग व ऑप्टिमाइजेशन की शुरुआत, हॉट स्ट्रिप मिल और सीआरएम-3 में रोटेटिंग उपकरणों का प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सहित कई प्रोजेक्ट्स पर इंडस्ट्री 4.0 प्रोद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है. डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन की इस पहल से बीएसएल प्रबंधन सटीक व त्वरित निर्णय लेने में सक्षम होगा.

दुर्घटना पर अंकुश के लिए एक्सिडेंट रीडक्शन टूल
बीएसएल में नियर मिस मामले, हज़ार्ड्स व अन्य ऐसे आब्ज़र्वेशन को दर्ज कराने के लिए एक्सिडेंट रीडक्शन टूल विकसित किया गया है, जिसे मोबाइल फोन पर डाऊनलोड कर सहज तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. जल्द ही यह टूल ठेका श्रमिकों को भी उपलब्ध करा दिया जाएगा. कवच अभियान के तहत एक केपेबिलिटी एवं कम्पीटेंसी बिल्डिंग सेंटर के अलावा अगले एक साल में कान्ट्रैक्टर्स के लिए स्टार रेटिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा. सेफ़्टी कल्चर ट्रांसफॉरमेशन एक्सरसाइज़ के तहत अब तक 600 से अधिक कर्मियों को रूट कॉज़ एनालिसिस, हजार्ड व रिस्क अससेस्समेंट, इओटी क्रेन ऑपरेशन आदि पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.

मौसम प्रतिरोधक सेल कोर-ए ग्रेड इस्पात विकसित
राष्ट्रीय इस्पात नीति में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्पेशलिटी स्टील उत्पादन को सरकार की पीएलआई स्कीम में शामिल किया गया है. इस दिशा में बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा इम्पोर्ट सब्स्टिटूशन के लिए मौसम प्रतिरोधक सेल कोर-ए ग्रेड इस्पात विकसित किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल शिप्पिंग कंटेनर निर्माण के लिए किया जाएगा. इसके अलावा सोलर पैनल के लिए हाई स्ट्रेंथ (350-550 MPa) हाय जीएसएम (450-600) जीपी स्टील ग्रेड भी बीएसएल में विकसित किया जा रहा है. गैर पारंपरिक ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए कूलिंग पौंड-1 और गरगा डैम में झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के सहयोग से फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की पहल जा रही है.

आईओटी पर आधारित प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम शुरू
बोकारो स्टील प्लांट के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ड्राइव के तहत हीं 15 सितंबर 22 को ईएमडी के गैस मिक्सिंग और बूस्टिंग स्टेशन में आईओटी आधारित प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम शुरू हुआ. इस सिस्टम में विशिष्ट डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग मॉडल शामिल हैं. यह सिस्टम समय पर सुधारात्मक कार्यवाई के लिए अलर्ट जनरेशन करने के साथ-साथ सक्रिय रिमोट मॉनिटरिंग के लिए उपकरणों के संचालन की सुविधा प्रदान करता है. इस परियोजना में मशीन के कंपन और तापमान की निरंतर निगरानी के लिए प्रत्येक मशीन में एक त्रिअक्षीय सेंसर लगाए गए हैं, जो क्लाउड डेटा अधिग्रहण व कंप्यूटिंग संचार प्रणाली एयरटेल 4जी वाईफाई पर आधारित है.

 

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