Home बिहार चिंता की बात: संक्रमण से स्वस्थ होने बाद कोरोना का साइड इफेक्ट...

चिंता की बात: संक्रमण से स्वस्थ होने बाद कोरोना का साइड इफेक्ट कर रहा परेशान

कोरोना संक्रमित व्यक्ति को स्वस्थ होने के बाद भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके चेहरे व पैरों पर थक्का, रंग काला पड़ना, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी आदि प्रमुख समस्याएं बन गई हैं। कुछ लोगों में आंखों की रोशनी कम होने की समस्या भी देखी जा रही है।

राजवंशीनगर के विक्रम प्रताप 15 दिन पहले कोरोना से स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौटे हैं। अब उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उन्होंने एम्स के डॉक्टर से संपर्क किया। वहीं, बक्सर की रेणु देवी ने बताया कि कोरोना से स्वस्थ होने के बाद उनके चेहरे का रंग थोड़ा काला पड़ गया है। पैरों में भी कई जगह काले-काले दाग जैसे दिखने लगे हैं। चेहरे पर काला थक्का जैसा हो गया है।

संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद  दिख रहे ये लक्षण
– सांस लेने में तकलीफ, फेफड़े में भारीपन
– चेहरे और पैरों में रक्त का थक्का जमना और रंग काला पड़ना 
– आंखों से कम दिखाई देना
– कमजोरी महसूस होना और मानसिक तनाव

डॉक्टरों की राय
कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी कई मरीजों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी देखी जा रही है। कुछ मरीजों के चेहरे और पैरों पर खून के जमने जैसा थक्का हो जा रहा है। चेहरे और पैर का रंग बदलने की शिकायत भी आ रही है। इस बीमारी को वैस्कुलाइटिस कहते हैं। सांस संबंधित समस्या भी आ रही है। कुछ लोगों के फेफड़े में सिकुड़न सी होने लगी है। इसे लंग फाइब्रोसिस कहा जाता है। ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। 
– डॉक्टर संजीव कुमार, नोडल पदाधिकारी, एम्स पटना 

सबसे ज्यादा सांस संबंधित शिकायतें आ रही हैं। संक्रमण से स्वस्थ लोगों का निमोनिया भी पूरी तरह ठीक नहीं हो रहा है। सामान्य निमोनिया 22 से 28 दिन में ठीक हो जाता है लेकिन ऐसे मामलों में कुछ लक्षण रह जा रहे हैं।  
– डॉ. अजय कुमार सिन्हा, कोरोना नोडल पदाधिकारी, एनएमसीएच 

कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी लोगों को सांस लेने की शिकायत बहुत ज्यादा आ रही है। सबसे बड़ी बात है कि इलाज के बाद भी निमोनिया का लक्षण पूरी तरह से खत्म नहीं हो रहा है। इसके लिए कुछ अलग तरह की दवाओं का भी प्रयोग किया जा रहा है पर इसमें विशेष सफलता नहीं मिल रही है। इस स्थिति का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगी है। कई लोगों की आंखों में रोशनी कम होने और चेहरे आदि का रंग बदलने की भी शिकायत की है।
डॉ. दीपेंद्र, सांस रोग विभागाध्यक्ष, एम्स पटना 

एम्स में जल्द शुरू होगर पोस्ट कोविड ओपीडी
संक्रमितों के स्वस्थ होने के बाद उनमें होने वाली परेशानियों को देखते हुए एम्स पटना में चार-पांच दिनों में पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत होगी। यह एम्स के डॉक्टर दीपेंद्र ने बताया कि ओपीडी की तैयारी हो चुकी है। वर्तमान मुख्य ओपीडी बिल्डिंग में ही पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत की जाएगी। 

Most Popular