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गोपालगंज में नहीं थम रहा गंडक का कहर, तेज कटाव से दो मंजिला स्कूल भवन हुआ जमींदोज

गोपालगंज. गंडक का कहर लगातार जारी है. यहां बाढ़ के बाद अब गंडक नदी (Gandak River) के जल स्तर में कमी आने से जमीन का कटाव तेज हो गया है. इस कटाव की वजह से गोपालगंज (Gopalganj) में एक के बाद एक सरकारी भवन नदी में विलीन होते जा रहे हैं. यहां सदर प्रखंड के मंझरिया मिडिल स्कूल (School) में कई दिनों से कटाव हो रहा था. जो आज गंडक की कटाव के भेट चढ़ गया और देखते ही देखते महज कुछ सेकंड के अंदर ही यह आलीशान दो मंजिला स्कूल भवन पानी में भरभरा कर गिर गया.

सदर सीओ ने इस स्कूल भवन को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग की टीम को संदेश भी भेजा था, लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से यह स्कूल भवन नहीं बचाया जा सका. आखिरकार लाखों रुपये की लागत से बना यह स्कूल भवन पानी में समा गया. बता दें कि कुचायकोट के कालामटिहनिया में गंडक नदी से लगातार कटाव हो रहा है. यहां विशम्भरपुर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहले ही कटाव की वजह से ध्वस्त हो चुका है. अभी कुचायकोट में कटाव थमा भी नहीं कि सदर प्रखंड में कटाव शुरू हो गया है. यहां सदर प्रखंड के कटघरवा पंचायत के मंझरिया स्थित मिडिल स्कूल मंझरिया का दो मंजिला आलीशान भवन आज गंडक में कटाव की वजह से अचानक ध्वस्त हो गया है.

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इस स्कूल भवन का एक हिस्सा कल सुबह ही ध्वस्त हो गया था, जिसको लेकर सदर सीओ विजय कुमार सिंह ने जल संसाधन विभाग को मैसेज भेजकर यहां कटावरोधी कार्य शुरू करने की अपील की थी, लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से यहां काम शुरू नहीं किया गया. आखिरकार यह स्कूल भवन बुधवार को गंडक में समा गया. ग्रामीणों ने स्कूल भवन के गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.बता दें कि गोपालगंज में बाढ़ से 05 प्रखंडो की 04 लाख की आबादी पूरी तरह प्रभावित हुई है. अभी बाढ़ का कहर थमा भी नहीं था की यहां गंडक के कटाव ने स्थित फिर से भयावह बना दिया है. गोपालगंज को गंडक के बाढ़ और कटाव से मुक्ति दिलाने के लिए करीब 06 करोड़ की लागत से पायलट चैनल का निर्माण किया गया था, लेकिन पायलट चैनल के नाम पर भारी भरकम राशि खर्च करने के बावजूद कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब गंडक की धारा गांव की तरफ ही मुड गई है. जिसकी वजह से जल संसाधन विभाग के द्वारा बनाये गए पायलट चैनल के निर्माण पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

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