क्या झारखंड में बस टैक्स माफ होगा, जान लें क्या है सरकार की तैयारी

क्या झारखंड में बस टैक्स माफ होगा, जान लें क्या है सरकार की तैयारी

राज्य में लॉकडाउन के दौरान बसों का टैक्स माफ करने का मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहुंच गया है। परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्त और विधि विभाग से भी मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री से मंजूरी के बाद प्रस्ताव को अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।

24 मार्च से बंद था बस का परिचालन : राज्य में अंतरजिला और अंतरराज्यीय बस सेवा 24 मार्च से ही बंद है। अंतरजिला बस परिचालन को मंजूरी मिल गई है और उनका सशर्त परिचालन भी एक सितंबर से शुरू हो गया है, लेकिन अंतरराज्यीय बस सेवा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
झारखंड से दूसरे राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसें चलती हैं। खासकर बिहार के लिए बड़ी संख्या में बसों का परिचालन होता है। ऐसी स्थिति में बस संचालक सरकार से बसों पर लगने वाले टैक्स में छह महीने की छूट देने की मांग कर रहे हैं।

झारखंड राज्य बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि एसोसिएशन ने राज्य सरकार से अप्रैल से सितंबर महीने तक का बस टैक्स माफ करने का आग्रह किया है। उनके अनुसार अभी तक अंतर जिला बसों का भी परिचालन सही तरीके से शुरू नहीं हुआ है। दूसरी तरफ लगातार पांच महीने तक बसों का परिचालन बंद रहने से इनके संचालकों की आर्थिक स्थिति भी दयनीय हो गई है। 

परिचालन बंद रहने की अवधि में छूट की उम्मीद जताई जा रही है
सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग द्वारा केवल लॉकडाउन के दौरान बसों के टैक्स में छूट देने की तैयारी है। यानी जितने दिन बसों का परिचालन बंद रहा, उतने दिन की छूट मिलेगी। इसका मतलब यह है कि अंतरजिला बस सेवा में चलने वाली बसों को टैक्स में केवल अगस्त तक की छूट मिलने की उम्मीद है। दूसरी तरफ झारखंड से दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली बसों के लिए छूट की अवधि बढ़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के पास भेजे गए छूट संबंधी प्रस्ताव में किसी तिथि की चर्चा नहीं की गई है। इस प्रस्ताव में भी जितने दिन परिचालन बंद रहा, उतने दिन टैक्स में छूट देने की बात लिखी गई है। बताया जाता है कि इस मामले पर अब कैबिनेट में चर्चा होगी। आगामी कैबिनेट की बैठक में छूट की समय सीमा पर निर्णय लिया जा सकता है।