कोरोना संक्रमण: हर दिन मुजफ्फरपुर में औसतन 47 मरीज हो रहे होम क्वारंटाइन

bihar corona virus updates  bihar covid 19 updates

जिले में कोरोना का कहर जारी है। बीते 15 दिनों में औसतन हर दिन 47 कोरोना मरीजों को होम क्वारंटाइन किया गया है। जिला स्वास्थ्य समिति की चार सितंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 2631 कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। इससे पहले 20 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन जिले में 1919 कोरोना पॉजिटिव मरीज होम आइसोलेशन में थे। 20 अगस्त से चार सितंबर तक 15 दिनों में 712 कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अबतक औराई में 44, बंदरा में 36, बोचहां में 127, गायघाट में 39, कांटी में 251,कटरा में 39,कुढ़नी में 130, मड़वन में 175, मीनापुर में 44, मोतीपुर में 114, मुरौल में 138, मुशहरी में 349, पारू में 112, साहेबगंज में 167,सकरा में 247, सरैया में 194, शहरी पीएचसी ब्रह्मपुरा में 128, पीएचसी बालूघाट में 47, पीएचसी कन्हौली व पीएचसी अघौरिया बाजार में 161 मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं।

2557 मरीजों को दिया गया ड्रग किट
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, होम आइसोलेशन में रह रहे 2557 मरीजों के घर-घर जाकर ड्रग किट उपलब्ध कराया गया है। विभाग के अनुसार, 2515 कोरोना मरीजों की खैरियत लेने के लिए उनके घर का भ्रमण किया गया है।

2498 मरीजों के घरों पर लगाए गए पोस्टर  
जिला स्वास्थ्य समिति के आंकड़ों के अनुसार, अबतक 2498 मरीजों के घरों पर कोरोना पॉजिटिव मरीज होने का पोस्टर लगाया जा चुका है। इस पोस्टर में यह बताया जाता है कि उन्हें घरों में रहकर किस तरह अपना उपचार करना है, एहतियातन क्या-क्या करना है और चिकित्सकों से कैसे संपर्क करना है समेत कई दिशा-निर्देश दिया रहता है।

होम क्वारंटाइन 12 मरीजों की तबीयत बिगड़ने के बाद संभली
वैसे कोरोना मरीज जिनमें शुरुआती लक्षण नहीं दिख रहे थे, उनमें से 12 मरीजों में अब लक्षण सामने आने लगे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएचसी प्रभारी को इसकी जानकारी दी है। इसके बाद डॉक्टरों ने इन कोरोना मरीजों का इलाज किया, जिसके बाद उनकी तबीयत में अभी सुधार है। इस बारे में जिला स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।

इसमें कहा गया है कि कोरोना मरीजों में जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत व बुखार जैसी शुरुआती लक्षण देखे जा रहे हैं। इस तरह के सात मरीज शहरी क्षेत्र और पांच मरीज ग्रामीण इलाकों में मिले हैं। इसके बाद इन मरीजों ये लक्षण निमोनिया में बदल गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि उपचार के बाद इन मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि वैसे मरीज ठीक तो हो गए हैं, लेकिन उनके फेफड़े में फिर से संक्रमण हो सकता है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि होम क्वारंटाइन में रहने वाले कुछ कोरोना पॉजिटिव मरीज की तबीयत बिगड़ी थी। उनमें कोरोना के लक्षण दिखे हैं। संबंधित पीएचसी से डॉक्टर ने मरीजों का इलाज किया है। उन्हें दवा भी उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल वह स्वस्थ हैं।