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कोरोना संक्रमण: बिहार में रिकवरी रेट बढ़ी तो अस्पतालों के 85 फीसदी बेड खाली

बिहार में कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए पुख्ता तैयारी चली। लगातार अस्पतालों के बेड और आईसीयू व अन्य संसाधन बढ़ाए गए। किंतु, इन दिनों कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर अस्पतालों के 85 फीसदी से अधिक बेड खाली हैं। दूसरी ओर, आइसोलेशन सेंटर व क्वारंटाइन सेंटर में भी बेड व कमरें खाली हो गए है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोरोना को लेकर आमलोगों के जागरूक होने के कारण भी संक्रमण में कमी आयी है। 

आइसोलेशन सेंटर में मात्र चार फीसदी ही संक्रमित मरीज 
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आइसोलेशन सेंटर में मात्र चार फीसदी ही संक्रमित मरीज रह रहे हैं। राज्य में 278 आइसोलेशन सेंटर बनाए गए थे। इनमें अभी 185 आइसोलेशन सेंटर सक्रिय हैं। इनमें 54 हजार 953 बेड की व्यवस्था है। जबकि यहां मात्र 1691 संक्रमित मरीज ही इलाजरत हैं, जो कि कुल बेड क्षमता का मात्र चार फीसदी ही है। 

क्वारंटाइन सेंटर में 13 फीसदी संक्रमित मरीज 
विभाग के अनुसार राज्य में 635 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए है। इनमें 548 क्वारंटाइन सेंटर सक्रिय हैं। इनमें कुल 17, 536 कमरे उपलब्ध हैं। इन कमरों में संक्रमित मरीज जो क्वारंटाइन होते हैं, उन्हें स्थान उपलब्ध कराया जाता है। इनमें मात्र 2291 संक्रमित मरीज ही इलाजरत हैं। जो कि कुल क्षमता का मात्र 13 फीसदी है। 

रिकवरी रेट 88 फीसदी होने से अस्पतालों के बेड हुए खाली 
राज्य में कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या कम होने के कारण सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आरक्षित किए गए 100-100 बेड में अधिकांश खाली पड़े हैं। साथ ही राज्य में रिकवरी रेट 88 फीसदी होने के कारण भी मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर तत्काल घर वापस भेज दिया जा रहा है। हालांकि उन्हें घर पर रहकर भी सावधानियां बरतने की सलाह चिकित्सकों के द्वारा दी जा रही है। 

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