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कोरोना संकट के बीच झारखंड के पारा शिक्षकों को शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा तोहफा, आप भी जानें

राज्य के 415 पारा शिक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस होगी। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पारा शिक्षकों के ऊपर आंदोलन के दौरान किए गए केस को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने पिछले पांच साल के दौरान अपनी मांगों को लेकर पारा शिक्षकों के धरना प्रदर्शन या आंदोलन के दौरान हुई प्राथमिकी को वापस लेने की अपील की है।

राज्य में पारा शिक्षकों पर सबसे ज्यादा प्राथमिकी 15 नवंबर 2018 को स्थापना दिवस के  समारोह में आंदोलन के दौरान हुई थी। इसमें 292 पारा शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं जिला स्तर पर हुए पांच साल के दौरान आंदोलनों में 223 पारा शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन सभी पारा शिक्षकों के ऊपर से प्राथमिकी हटाने की मुख्यमंत्री से मांग की गई है। राज्य स्थापना दिवस पर हुए आंदोलन में दर्ज की गई प्राथमिकी वापस लेने पर पिछली सरकार में ही सहमति बनी थी। पारा शिक्षकों की 63 दिन ( 16 नवंबर 2018 से 17 जनवरी 2019) चली  हड़ताल तोड़ने में यह सहमति बनी थी। बावजूद इसके केस वापस नहीं हो सका था। एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा इस मामले को लेकर पूर्व की सरकार के साथ-साथ वर्तमान सरकार से कई बार मांग कर चुका था। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने केस वापस लेने का पारा शिक्षकों को आश्वासन दिया था। शिक्षा मंत्री  ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान पारा शिक्षकों की ओर से अपनी मांगों को लेकर विभिन्न प्रकार का धरना प्रदर्शन किया जाता रहा। इस दौरान प्रशासन द्वारा आंदोलनकारी पारा शिक्षकों और उनके संघ के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जनहित में आंदोलनकारी पारा शिक्षकों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को वापस लिया जाना चाहिए। इसलिए विभिन्न जिलों में आंदोलनकारी पारा शिक्षकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
 

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