कैप्सूल गिल के नाम पर आईआईटी देगा इंडस्ट्रियल सेफ्टी अवार्ड, जानें क्या है कैप्सूल गिल 

आईआईटी आईएसएम ने औद्योगिक सुरक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार देने की घोषणा की है। आईआईटी की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए इंडस्ट्रियल सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड दिया जाएगा। अपने पूर्ववर्ती छात्र जसवंत सिंह गिल के नाम से यह इंडस्ट्रियल सेफ्टी अवार्ड दिया जाएगा। वर्ष 2020 से ही यह अवार्ड देने की घोषणा की गई है। 

आईआईटी का कहना है कि इसका उद्देश्य भारतीय उद्योग में सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अभिनव प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है। भारत में औद्योगिक सुरक्षा में सुधार के लिए जिन्होंने स्वदेशी अभिनव प्रक्रियाओं और तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार स्वरूप 50 हजार रुपए व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। 

कौन हैं जसवंत सिंह गिल  : 1965 बैच के पूर्ववर्ती छात्र जसवंस सिंह गिल ने 13 नवंबर 1989 में ईसीएल की महावीर कोलियरी में 65 कोयलाकर्मियों की जान स्टील का कैप्सूल बनाकर बचाई थी। उस समय वे एडिशनल चीफ माइनिंग इंजीनियर थे। उन्हें भारत सरकार ने वर्ष 1991 में सर्वोत्तम जीवन रक्षक पदक से सम्मानित किया था। इस ऑपरेशन का उल्लेख सबसे बड़ा कोयला खदान बचाव अभियान में किया जाता है। इस कारण उन्हें कैप्सूल गिल भी कहा जाता है। वे बीसीसीएल से वर्ष 1998 में ईडी सेफ्टी एंड रेस्क्यू से रिटायर हुए। वर्ष 2019 में अमृतसर में उनका निधन हुआ। जसवंत सिंह गिल पर फिल्म अभिनेता अजय देवगन ने कैप्सूल मेन फिल्म बनाने की घोषणा की है। आईआईटी आईएसएम के 1998 बैच के माइनिंग इंजीनियर नीलमणि सिंह व अन्य लोगों की ओर से उन्हें पद्म अवार्ड देने की मांग की जा रही है।