केरल: बच्‍चों के इलाज के खर्च के लिए मां बेच रही थी अपने अंग, मंत्री ने दिया मदद का भरोसा

नई दिल्‍ली. केरल (Kerala) में एक महिला अपने बच्‍चों का इलाज नहीं करा पा रही थी. ऐसे में उसने अपने शरीर के अंग बेचकर पैसे जुटाने की तैयारी कर ली थी. घर छोड़ दिया था. मुलावुकड के पास कंटेनर रोड पर सड़क किनारे टेंट में अपने पांचों बच्‍चों के साथ रहने लगी थी. यह अनाउंस किया जा रहा था कि महिला अपने शरीर के अंग बेचने को तैयार है, इसमें दिल भी शामिल है. हालांकि मीडिया में मामला आने के बाद राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री केके शैलजा ने उसे मदद का भरोसा दिया है.

महिला का नाम संथी है. वह मल्‍लापुरम की रहने वाली है. उसके पांच बच्‍चे हैं. इनमें से चार लड़के और एक लड़की है. संथी के अनुसार उसका पति उसे छोड़कर जा चुका है. उसने बताया, ‘मेरा सबसे बड़ा बेटा पिछले साल जुलाई में एक दुर्घटना क शिकार हो गया था. वह एक ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार कर रहा था, तभी एक बाइक ने उसे टक्‍कर मार दी थी. उसका सिर दो हिस्सों में बंट गया और उसके पैर में चोट आ गई. मैंने उसके इलाज के लिए बहुत सारा कर्ज लिया. वह अभी भी पूरी तरह से फिट नहीं है. मेरी बेटी को 2013 में हुई एक दुर्घटना के कारण उसके सिर और आंखों की सर्जरी की जरूरत है.’

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उसने कहा, ‘मेरा दूसरा बेटा जन्म के बाद से मानसिक रूप से बीमार है. उसके पेट के अंदर सूजन थी. 7 साल की उम्र में उसका ऑपरेशन हुआ था. वह 23 वर्ष का है. काम करने में असमर्थ था. मेरे केवल दो बेटे स्वस्थ हैं. एक कमाने के लिए पढ़ाई छोड़ चुका है और दूसरा 11वीं कक्षा में है. उसके बेटों और बेटी के इलाज के लिए रुपये जुटाने के कारण उसका परिवार कर्ज में डूब चुका है.

संथी ने जानकारी दी कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने उन्हें फोन किया. उनके बच्चों के इलाज के लिए हर संभव मदद करने का उन्‍होंने वादा किया. पारावुर के कांग्रेस विधायक वीडी साठेशन ने भी कहा कि वह इस मामले को देखेंगे. वह पहले भी उनकी मदद कर चुके हैं.