Homeबिहार'किसान चाची' पद्मश्री राजकुमारी देवी से मिले BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा

‘किसान चाची’ पद्मश्री राजकुमारी देवी से मिले BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड में किसान संवाद से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा निकटवर्ती आनंदपुर गांव में किसान चाची पद्मश्री राज कुमारी देवी से मिलने उनके घर गए। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में किसान चाची के योगदान, महिलाओं को उनके द्वारा दी गई ट्रेनिंग की जानकारी ली और कृषि उत्पादों का मुआयना किया। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता देखिए, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने मुजफ्फरपुर की किसान चाची राजकुमारी देवी को वहां बुलाकर सम्मानित किया। जब वे प्रधानमंत्री बने किसान चाची को पद्मश्री पुरस्कार मिला। यह एक उन्नत समाज को खड़ा करने का प्रयास है।

सरैया प्रखंड के जगत सिंह उच्च विद्यालय मैदान में शनिवार को आयोजित किसान संवाद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति की संस्कृति बदल दी है। पहले राजनेता लोगों को गुमराह कर वोट लेते थे। मकसद पूरा होने पर लोगों को बरगला कर उनमें फूट डालते थे और फिर राज करते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने इससे अलग हटकर गरीबों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की चिंता शुरू की। जितनी भी योजनाएं शुरू की गईं, उनमें गरीबों पर फोकस है। चाहे वह जन- धन योजना हो, मुद्रा योजना हो, उज्जवला योजना हो या उजाला योजना हो। हर योजना का उद्देश्य गरीबों-वंचितों का विकास है। आजादी के इतने वर्षों के बाद भी 18 हजार गांव बिजली से वंचित थे। प्रधानमंत्री उजाला योजना के तहत गांवों को बिजली दी। जिन ढाई करोड़ बस्तियों तक बिजली नहीं पहुंची थी, वहां बिजली पहुंचाई गई।

इंडिया नहीं भारत के विकास के पक्षधर
जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया नहीं, भारत के विकास के पक्षधर हैं। इसमें 130 करोड़ भारतीयों का विकास होगा। आत्मनिर्भर भारत के लिए 20 क्लॉक रुपए का पैकेज घोषित हुआ है। एमएसएमई के माध्यम से तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज बगैर गारंटी के दिए जाएंगे।  इसमें से एक लाख 10 हजार करोड़ जारी हो चुके हैं। देश में 50 लाख लोग रेडी लगाते हैं। प्रधानमंत्री ने उनके विकास की पहल की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज बदलता भारत खड़ा हो रहा है, लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के खाते में 3 महीने तक पांच-पांच सौ रुपए डाले गए। देश के आठ करोड़ 70 लाख किसानों के खाते में दो-दो लाख रुपये पहुंचा दिए गए।

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