इजराइल-भारत के बीच सामरिक दोस्ती होगी और मजबूत, हाई-टेक हथियारों पर साथ करेंगे काम

नई दिल्ली. भारत और इजरायल (India Israel) अब तकनीक वाले हथियार प्रणालियों के अधिक को-डेवलपमेंट और को प्रोडक्शन कर के दूसरे मित्र देशों को हथियार निर्यात करके अपनी पहले से ही विस्तारित रक्षा साझेदारी को और अधिक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. भारतीय रक्षा सचिव और उनके इजरायल समकक्ष की अध्यक्षता में रक्षा सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह के तहत इस तरह की संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को एक नया उप-समूह बनाया गया.

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उप कार्य समूह (एसडब्ल्यूजी) के मुख्य उद्देश्य मैत्रीपूर्ण देशों को संयुक्त निर्यात के अलावा प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण, सह-विकास और सह-उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ताो, नवाचार आदि होंगे. इसमें कहा गया है कि एसडब्ल्यूजी के गठन की घोषणा एक वेबिनार में की गयी जिसका आयोजन गुरुवार को किया गया था.

इजराइल-भारत ने समझौता ज्ञापन पर भी किए दस्तख़त
बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के रक्षा सचिवों और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वेबिनार में भाग लिया और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के संबंध में बातचीत की. मंत्रालय ने कहा कि कल्याणी समूह और राफेल उन्नत रक्षा प्रणाली के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए.यह भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र के मंच से आज पाकिस्तान और चीन को एक साथ ‘जवाब’ देंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


बयान के अनुसार, यह वेबिनार इस श्रृंखला में पहला आयोजन था. इस श्रृंखला के तहत मित्र देशों के साथ वेबिनार आयोजित किए जाएंगे ताकि रक्षा निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके और अगले पांच वर्षों में पांच अरब डॉलर के रक्षा निर्यात लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके.

 भारत में टॉप फोर आर्म सप्लायर्स में से एक इजराइल
इजरायल लगभग दो दशकों से भारत में टॉप फोर आर्म सप्लायर्स में से एक है, जो हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की सैन्य बिक्री करता है. शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘भारतीय रक्षा उद्योग अब मजबूत होने के साथ ही दोनों देशों के लिए  शोध और विकास में अधिक मददगार, को डेवलपमेंट और कोप्रॉडक्शन की परियोजनाओं को स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की गई.’ उन्होंने कहा ‘इजराइल मिसाइलों, सेंसर, साइबर-सुरक्षा और विभिन्न रक्षा उप-प्रणालियों में वर्ल्ड लीडर है.’

SWG की अध्यक्षता भारतीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (रक्षा उद्योग उत्पादन) संजय जाजू और इजरायल से एशिया और प्रशांत के निदेशक इयाल कैलिफोर्निया करेंगे. यह फैसला ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय सशस्त्र बल नेक्स्ट जेनरेशन की बराक -8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को डीआरडीओ-इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के तहत शामिल कर रहे हैं.