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अमानवीयता : सदर अस्पताल में इलाज के लिए हाथ जोड़कर बीपीओ को भी गिड़गिड़ाना पड़ा, इलाज नहीं होने से मौत


सरायकेला में तैनात प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ)को रविवार देर रात सांस लेने में तकलीफ हुई। वे फौरन इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने एडमिट करने से इनकार कर दिया। वे हाथ जोड़कर गिड़गिडाते रहे, लेकिन भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। लिहाजा थक हारकर टीएमएच आने लगे। लेकिन रास्ते में इनकी मौत हो गई। घटना रविवार रात बारह बजे की है। अगर समय पर इलाज शुरू हो जाता तो शायद बीपीओ की जान बच जाती। सदर अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली। 

बता दें, सरायकेला में तैनात बीपीओ कितेन सोरेन(49) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिजन को लेकर वे इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने अस्पताल में प्रवेश से रोक दिया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर बीके प्रसाद के समक्ष वे बार-बार गिड़गिड़ा रहे थे। सर, मुझे बचा लीजिए। परंतु ना तो बीपीओ को अस्पताल में भर्ती किया गया, ना ही दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। इनकी अमानवीयता इस बात से समझी जा सकती है। डॉक्टर दूर से ही कह रहे थे- यहां बेड खाली नहीं है। ऑक्सीजन भी नहीं है। आप दूसरे अस्पताल में इलाज कराइये। धीरे-धीरे मरीज की तबीयत बिगड़ रही थी। थक हारकर परिजनों ने टीएमएच आने का निर्णय लिया। लेकिन टीएमएच आने के क्रम में मरीज ने सुबह तीन बजे दम तोड़ दिया। उनके शव को गौरांगडीह स्थित आवास पर कुछ देर रखने के बाद दाह संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव चैतनपुर ले जाया गया। जहां झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद कर्मी संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित शिक्षक, पारा शिक्षक और विभाग के अन्य कर्मी उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। बीपीओ के आकस्मिक निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर है।

परिवार पर टूट पड़ा दुःखों का पहाड़ : हमेशा लोगों से मुस्कुराकर मिलने वाले बीपीओ कीतेन सोरेन के आकस्मिक निधन से उनके परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी कारमी मुर्मू समेत तीन छोटी छोटी बेटी व दो साल का बेटा का रो रोकर हाल बुरा है।
 
संघ ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद कर्मी संघ के संरक्षक मोहम्मद नजीर हुसैन, जिला अध्यक्ष कृष्णा महतो, सचिव सांत्वना जेना, सिद्धेश्वर झा सहित अन्य ने प्रेस रिलीज जारी कर दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संघ ने कहा कि यदि कितेन को तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध करा दिया जाता तो उनकी जान बच जाती। जिला मुख्यालय में अवस्थित सबसे बड़े सदर अस्पताल की लापरवाही से इनकी मौत हुई है। संघ इसकी घोर निंदा करता है। इस संबंध में उपायुक्त से आवश्यक जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता है।

सिविल सर्जन ने जारी किया शोकॉज : सिविल सर्जन डॉ हिमांशु भूषण बरवार ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को शोकॉज जारी किया है। सीएस ने कहा संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

उपायुक्त ने मामले पर लिया स्वत: उपायुक्त इकबाल आलम अंसारी ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दुःखद घटना बताया। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश देते हुए सिविल सर्जन को जांच पदाधिकारी बनाया है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही की बात सामने आने पर संबंधित चिकित्सक के ऊपर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फोटो14एसकेपी 3 बीपीओ कीतेन सोरेन का फ़ाइल फ़ोटो।

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