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अगिआंव विधानसभा सीट: भोजपुर की सुरक्षित क्षेत्र के लिए दोनों गठबंधनों में रस्साकशी

बिहार के भोजपुर के इकलौते सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र अगिआंव के लिए दोनों महत्वपूर्ण गठबंधनों में रस्साकशी शुरू हो गई है। बदले राजनीतक समीकरण में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन में शामिल जदयू को यह एकमात्र क्षेत्र मिला था।

तब जदयू ने यहां पहली मर्तबा जीत दर्ज की और प्रभुनाथ प्रसाद पहली बार विधानसभा पहुंचे। वे फिर दावेदार हैं। वहीं एनडीए में पिछले कुछ समय से भाजपा के लिए यह परंपरागत सीट रही है। भाजपा की ओर से पूर्व विधायक शिवेश कुमार पिछली बार दूसरे स्थान पर रहे। वे केंद्रीय मंत्री रहे स्व. मुनी लाल के बेटे हैं। वे फिर सक्रिय हैं और सुरक्षित क्षेत्र होने के चलते यहां भाजपा की भी नजर है। वहीं महागठबंधन में इस बार राजद और भाकपा (माले) में भी वार्ता चल रही है। ऐसी स्थिति में पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहने वाले भाकपा (माले) की यहां मजबूत दावेदारी है। वैसे राजद ने भी यहां अभी दावेदारी छोड़ी नहीं है। बहरहाल, एनडीए और महागठबंधन में यह सुरक्षित क्षेत्र किसके खाते में आता है, इस पर आम लोगों की निगाहें टिकी हैं।

2008 में अस्तित्व में आया अगिआंव
पूर्व में यह लंबे समय तक सहार क्षेत्र के रूप में जाना जाता रहा। 2008 के परिसीमन के बाद यह अगिआंव क्षेत्र के रूप में अस्तित्व में आया। यहां नक्सली आंदोलनों को भी खाद-पानी मिलता रहा है। मुकाबले को उभरी रणवीर सेना की भी यहां मजबूत मौजूदगी रही है। शुरुआती चुनावों में कांग्रेस का दौर रहा। 1969 में प्रसोपा ने कांग्रेस के किले में पहली बार सेंध लगाई थी। 1977 की परिवर्तन की लहर में जनता दल का खाता खुला, लेकिन दो चुनावों बाद कांग्रेस ने फिर वापसी की और फिर दस वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया। नक्सली आंदोलन की बदौलत 1995 में यहां माले ने पहली बार परचम लहराया और लगातार जीत का चौका लगाया। 2010 में एनडीए की लहर में यहां भाजपा का खाता खुला और भगवा लहराया। पिछले चुनाव में राजद के सहारे जदयू ने यहां परचम लहराया।

पिछले चुनाव में सात उम्मीदवार थे चुनावी अखाड़े में
2015 के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान यहां कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें महागठबंधन की ओर से जदयू के प्रभुनाथ प्रसाद को 52,276 को वोट मिले थे। एनडीए की ओर से भाजपा के शिवेश कुमार को 37,572 को मत मिले। भाकपा माले के मनोज कुमार मंजिल 31,789 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। अन्य उम्मीदवार मुकाबले में भी नहीं रहे।

2009 व 2019 में सांसद बनने वाले पिछड़ गए थे अगिआंव में
अगिआंव विधानसभा क्षेत्र लोकसभा चुनाव में आरा संसदीय क्षेत्र को भी प्रभावित करता रहा है। आरा संसदीय क्षेत्र से 2009 में जदयू की उम्मीदवार मीना सिंह लोकसभा का चुनाव जीतने में भले ही सफल रहीं, पर वे अगिआंव विधानसभा क्षेत्र में भाकपा माले उम्मीदवार से 1921 मतों से पिछड़ गयी थीं। उस समय यहां का प्रतिनिधित्व भाकपा माले के विधायक राम नरेश राम कर रहे थे। इसी तरह पिछले साल 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री व भाजपा उम्मीदवार आरके सिंह ने भले ही ही बड़े अंतर से चुनाव जीत लिया पर मोदी लहर में वे भी अगिआंव विधानसभा क्षेत्र में 5733 मतों से पिछड़ गए। यह स्थिति तब रही, जब यहां एनडीए की ओर से भोजपुर जिले के इकलौते प्रतिनिधि जदयू के विधायक प्रभुनाथ प्रसाद प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वहीं 2014 के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार आरके सिंह आरा लोकसभा चुनाव जीतने के साथ-साथ अगिआंव भी 9387 मतों से जीत गए। हालांकि तब यहां माले नहीं बल्कि राजद उम्मीदवार मुख्य मुकाबले में था। इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा के शिवेश कुमार कर रहे थे।
विधानसभा क्षेत्र -अगिआंव
वर्ष                            विधायक                           पार्टी
2015                         प्रभुनाथ प्रसाद                     जदयू
2010                         शिवेश कुमार                      भाजपा

03 प्रखंड  (अगिआंव, गड़हनी व चरपोखरी), 35 ग्राम पंचायत, 198 गांव
कुल वोटर-2,57,315
पुरुष मतदाता-1,38,199
महिला मतदाता-1,19,115
 

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